Pagal Shayari : दोेस्तों इश्क में एक-दूसरे को पागल कहना अच्छा भी लगता है। क्योकि इस पागल लफ्ज में भी प्यार छुपा होता है। आप अपने दिलबर को जब भी याद करते हो। तब आपको उस पर लिखी शायरी याद आएगी। साथ ही प्यार में अपने दीवानेपन का वास्ता भी यार को देना चाहते हो। क्योंकि जब आपको अपने प्रेमिका से तहे दिल से मोहब्बत हो गई थी। तब आपको उसका साथ होना बहुत पसंद आया था। उसकी नशीली नीली आंखों ने आपका दिल एक झटके में छीन लिया था। ऐसी ही प्यार भरी शायरियां हमने आपके लिये पेश की हैं जो आपको जरूर पसंद आयेंगी।
आज के लेख में हम आपके लिये विशेष पागल शायरियां लेकर आये है, जिन्हे आप अपने प्रेमी-प्रेमिका के साथ शेयर कर सकते है। दोस्तों हमने आपके लिए pyar Mein Pagal shayari, best pagal shayari in hindi, pagal status in hindi, pagal shayari two line, pagalpan shayari hindi, pagalpan quotes in hindi आदि आपके साथ साझा कर रहे है।
Pagal shayari
वो कहते हैं हमें पागल
जो दुनियादारी में अभी
कच्चे हैं कहते हैं हमें बच्चा
जो खुद ही अभी बच्चे हैं..!
इश्क के शहर में मैं
भी एक परिंदा था
गैरों को अपना समझ
कर ख्वाबों में जिंदा था..!
आसार बढ़ गए हैं
दीदार-ए-ताजमहल के
दोस्तो की ओर से खबर
आई है कि मैं पागल हूं..!
जब से देखा है तुझे
तेरी चाहत में पागल हुए हैं
तुझे देखकर कितने दीवाने
तुझे पाने के लिए घायल हुए हैं..!
देख लेना एक दिन तुम
भी रो दोगे ये सोचकर कि
कोई था जिद्दी सा चाहने वाला
पागल पता नही कहां चला
गया अपनी जिद छोड़ कर..!
दिल तो मेरा लोहे जैसे था
क्या पता था TUM चुम्बक बनकर आओगी
और मुझे पागल कर जाओगी !!
तेरे दिल की ज़मीन पर ठहर सके वो
आवारा बादल हूँ मैं तेरी चाहत में
बिलकुल पागल हूँ मैं !!
कयामत तक करोगे याद किसी ने दिल लगाया था
एक होने की उम्मीद भी ना थी फिर
भी पागलों की तरह चाहा था !!
कब मिलेंगे आपसे ये ख्याल हम करते है
आपकी दोस्ती पे हम जो मरते है
हो न जाये PAGAL हम डरते है
क्या करे यार आपको miss जो इतना करते है !!
तेरी अदा के मरे हुए आशिक़ घायल है हम
तुझे सोच कर अकेले में मुस्कुराते
हैं सच पागल है हम !!
जिस दिन तुझको ना देखूं पागल
पागल फिरती हूं
कौन तुझे यूं प्यार करेगा
जैसे मैं करती हूं !!
पागल नहीं था मैं जो तुम्हारी
एक बात मानता था
मुझे सच्ची मोहब्बत थी तुमसे
बस इतना जानता था !!
दुनिया भी पागल है जो सभी के
चेहरे पर मुस्कराहट ला दे उसे
पागल ही कहती है !!
चाहने वाले बहुत होगें तुम्हारे
इस कायनात में
मगर इस पागल की तो कायनात
ही तुम हो !!
ऊपर वाले का शुक्रिया है
कि उसने ख्वाब बना दिये
वरना तुम्हें देखने की
बस हसरत ही रह ही जाती !!
मुजरिम तो है मगर बस तेरी अदालत
में हम पागल तो हैं मगर बस
तेरी चाहत में हम !!
काश तुम भी कभी जोर से गले लगा कर कहो
डरते क्यों हो पागल तुम्हारी ही तो हूं !!
हसरतों के सिक्के के लिए
उजाले को खरीदने के लिए निकले थे हम
उम्र की पहली गली में ही जिम्मेदारियों
ने लूट लिया !!
ये इश्क़ पागलों का शहर है साहब यहाँ
समझदार ज्यादा दिन टिक नहीं पाते !!
जाते हुए उसने बस इतना कहा
मुझसे ओ पागल
अपनी ज़िन्दगी जी लेना वैसे प्यार
अच्छा करते हो !!
बेशक कुछ समय लगा हमको
पर खुदा से बढ़कर यार मिला हमको
ना रही तमन्ना किसी जन्नत की
मेरी जान तेरी मोहब्बत से
वो प्यार मिला हमको !!
मैं जैसा हूँ नहीं वैसा बताया गया है
मैं पागल हूँ नहीं मुझे बनाया गया है !!
उसने प्यार अपने से मुझे पागल कर दिया
मैं रुका रहा उसके लिए वो आगे चल दिया !!
वो AAPKA मुस्कुराना जुल्फे सवारना
मेरी हर गलतियों को मुस्कुरा के टाल जाना
कभी आखे दिखाना अगले ही पल प्यार जाताना
कितनी मासूम हो तुम इश्क अगर आपसे न हो
तो PHIR किससे हो !!
ना दौलत के पीछे ना शौहरत के पीछे
हम तो पागल हैं सनम तेरी
मोहोब्बत के पीछे !!
वो मुझे धोखे में रख पागल बनाती रही !!
मा
ना अल्फ़ाज़ खूबसूरत होते है
पर ख़ामोशी की बात ही अलग होती है !!
अब जब तू ज़माने में इतनी आगे निकल
गई है पछता रहा हूँ तेरे पीछे
क्यों पागल हुआ मैं !!
मेरे पागल होने की वजह तुम मत पूछो
एक शख्स को चाहने की सजा तुम मत पूछो
मेरे हालात देख कर बस अंदाज़ा लगा लो
मेरी बातों से इस हाल को तुम सुलझा लो !!
जब दो इंसान एक दूसरे के रूह को छू ले
तो उसे इश्क़ कहते है !!
जैसे तेरा मेरे संग लहज़ा चलता है
जल्द ही हो जाऊंगा पागल
मुझे ऐसा लगता है !!
नज़रों से ऐसा तीर छोड़ा उसने मेरे सीने में
मेरी पूरी ज़िंदगी गयी उसकी यादों से जीने में
उसने कुछ ऐसा मुझे बदनाम किया महफिलों में
के मैं पागल हो गया उसकी बातों से !!
दिल के पास वही है जो
दूर रहकर भी महसूस होता है !!
आँखों में आंसू और दीवारों के
कन्धों पर सर है मुझे पागल करने में
छोड़ी ना तूने कोई कसर है !!
उसे शक था मेरे प्यार पर
इसलिए अज़मा कर देखता रहा
मैं कितना समझदार हूँ
जानने के लिए पागल बना कर
देखता रहा !!
तुम ख्वाब नहीं हक़ीक़त हो
वो हक़ीक़त हो जो खवाब है !!
गलती सारी मेरी थी उसने सभी को ये
जा कर बताया खुद को समझदार
समझ कर उसने मुझे पागल बताया !!
तुमने तो पागल करके मुझे ठुकराया था
किसी और ने आकर फिर सीने से लगाया था
मुझे उस नए आये शक्स ने अपनाया था
मुझे इस पागलपन से बाहर वो लेकर आया था !!
एक ऐसे रिश्ते को जीना कम नहीं
सिर्फ तेरा ही कहलाना
और तेरा होना भी नहीं !!
मैं पागल अब तक अकेले में बड़बड़ा
रहा हूँ कितनी मोहोब्बत थी तुझसे ये
खुद को बता रहा हूँ !!
इश्क़ मोहब्बत पर लिखना छोड़ दिया
जब से तुमने इस पागल का दिल तोड़ दिया
अब लिखता हूँ बस तन्हाई और उदासी पर
तूने मुझे ऐसा बनाकर जो मुँह मोड़ लिया !!
ज़ज़्बात लिखे तो मालूम पड़ा की
पढ़े लिखे लोग पढ़ना नहीं जानते है !!
लगता नहीं मेरा दिल तुझे भुलाना चाहता है
जानता है ये भी की तू नहीं आएगी फिर
भी एक और दफा ये तुझे बुलाना चाहता है !!
मुझे पागल करने वाली तुम भी
पागल हो जाओगी
एक दिन दुनियाँ को भूल मेरी
यादों में खो जाओगी !!
लिए
और क्या दुआ मांगू खुदा से
खुदा तुम्हे खुशियाँ दे
और मुझे हमेशा आपका साथ !!









0 टिप्पणियाँ